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Kavita Upadhyay
दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद बनाने के लिए शाहदरा जिला पुलिस ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है. सोमवार को डीसीपी शाहदरा प्रशांत गौतम ने ‘DP-DRISTHI’ (दिल्ली पुलिस – डायनेमिक रियल-टाइम आइडेंटिफिकेशन एंड सर्विलांस फॉर ह्यूमन ट्रैकिंग इनिशिएटिव) नामक एक अत्याधुनिक हाई-टेक वाहन को लॉन्च किया.
इस हाई-टेक सर्विलांस वाहन की शुरुआत दिल्ली के सबसे व्यस्त और भीड़भाड़ वाले गांधी नगर मार्केट से की गई है.

‘DP-DRISTHI’ कोई साधारण पुलिस वाहन नहीं है, बल्कि यह पहियों पर चलता-फिरता एक ‘इंटेलिजेंस हब’ है. इस वाहन की सबसे बड़ी खासियत इसका फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) है. इसमें लगे एडवांस सीसीटीवी कैमरे घनी भीड़ में भी एक-एक चेहरे को स्कैन करने की क्षमता रखते हैं. जैसे ही यह वाहन भीड़भाड़ वाले बाजार या सार्वजनिक स्थानों से गुजरेगा, इसका सिस्टम रियल-टाइम में लोगों के चेहरों को पुलिस के क्रिमिनल डेटाबेस से मैच करेगा.
मिलीसेकंड में होगा अपराधियों का पर्दाफाश
यह तकनीक इतनी तेज है कि पलक झपकते ही संदिग्धों की तस्वीर खींचकर उन्हें पुलिस रिकॉर्ड से मिलान कर लेती है. यदि भीड़ में कोई ऐसा व्यक्ति पाया जाता है जिसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है या जो वांछित है, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देगा. इससे पुलिस टीम को अपराधी के वारदात करने से पहले ही उसे दबोचने में मदद मिलेगी. शाहदरा जिले की विशेष तकनीकी टीम, जिसमें एएसआई दीपक कुमार, हेड कांस्टेबल गगन दीप, जितेंद्र और अभय शामिल हैं, ने इस प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
इन इलाकों में रहेगी पैनी नजर
डीसीपी प्रशांत गौतम ने बताया कि ‘DP-DRISTHI’ को विशेष रूप से उन इलाकों के लिए डिजाइन किया गया है जहां बहुत ज्यादा भीड़ रहती है. प्रारंभिक चरण में इसे गांधी नगर, कृष्णा नगर, शाहदरा और मंडोली रोड जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों और संवेदनशील बाजारों में तैनात किया जाएगा. यह मोबाइल यूनिट यह सुनिश्चित करेगी कि व्यावसायिक केंद्रों में कोई ‘ब्लाइंड स्पॉट’ न रहे और अपराधी भीड़ का फायदा उठाकर छिप न सकें.
‘DP-DRISTHI’ की मुख्य विशेषताएं
रियल-टाइम डिटेक्शन: चलती-फिरती भीड़ के बीच चेहरों की पहचान और मिलान.
मोबिलिटी: इसे जरूरत के हिसाब से किसी भी ‘क्राइम हॉटस्पॉट’ पर तुरंत तैनात किया जा सकता है.
एडवांस ट्रैकिंग: इंसानी मूवमेंट को ट्रैक करने के लिए अत्याधुनिक डायनेमिक सिस्टम.
फॉरेंसिक सबूत: कानूनी दस्तावेजों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली इमेज और ऑटोमेटेड कैप्चरिंग.
दिल्ली पुलिस के इस कदम से अपराधियों में खौफ पैदा होना तय है. ‘DP-DRISTHI’ के आने से अब तकनीक सीधे सड़कों पर उतर आई है, जिससे नागरिकों की सुरक्षा को एक नया आयाम मिलेगा.
