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Kavita Upadhyay
प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज अब सुबह 2 बजे पदयात्रा करते हुए भक्तों को दर्शन देते हुए नजर नहीं आएंगे. खराब स्वास्थ्य के कारण उनकी पदयात्रा को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की बात सामने आ रही है
इंस्टाग्राम पर प्रेमानंद महाराज के शिष्यों ने आधिकारिक अकाउंट पर यह जानकारी शेयर की है. प्रेमानंद महाराज की पिछले महीने तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसके बाद स्वास्थ्य में सुधार हुआ, तो संत प्रेमानंद महाराज ने दोबारा पदयात्रा शुरू की थी. हालांकि अब इसे एक बार फिर बंद कर दिया गया है.
प्रेमानंद महाराज वृंदावन में अपने निवास स्थान से तड़के 2 बजे पदयात्रा करते हुए श्री हित राधा केली कुंज जाते थे और इस दौरान सड़क के दोनों ओर लाखों की तादाद में खड़े भक्त उनके दर्शन करते थे. लगातार भक्तों का संख्या भी बढ़ती जा रही थी और इसे भी पदयात्रा बंद करने की एक वजह बताया गया है.
लोगों को हो रही दिक्कत
लोगों का कहना है कि देर रात्रि में जब वह लोग सो रहे होते हैं तो उस समय इस तरह की हरकत करना ठीक नहीं, इसके कारण बीमार और बुजुर्ग लोगों सहित सुबह-सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. यही नहीं मार्ग रोके जाने के कारण कई बार बीमार लोगों को अस्पताल तक ले जाने में भी असुविधा होती है. जिसके चलते कॉलोनी के लोगों ने जिला प्रशासन से संत प्रेमानंद के अनुयायियों द्वारा की जा रही इस तरह की हरकत पर रोक लगाने की मांग की है. ताकि स्थानीय लोगों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े.
इंस्टाग्राम पर शेयर की जानकारी
भजनमार्ग ऑफिशियल नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नोट शेयर किया गया है, जिसमें भक्तों को इस बात की जानकारी दी गई है. इसके मुताबिक पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए बंद की गई है. इस पोस्ट के सामने आने के बाद भक्त प्रेमानंद महाराज के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं.
प्रेमानंद महाराज की किडनी हो चुकी हैं फेल
संत प्रेमानंद महाराज की दोनों किडनी कई साल पहले ही फेल हो चुकी हैं और वे डायलिसिस पर हैं. महाराज जी ने एक भक्त के सवाल पर बताया था कि उन्हें किडनी की समस्या के चलते ज्यादा पानी पीने की भी परमिशन नहीं है. डॉक्टर हर सप्ताह उनका डायलिसिस करते हैं और जरूरी ट्रीटमेंट देते हैं.
प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए हर दिन लाखों की तादाद में भक्त वृंदावन पहुंचते हैं और रात से ही सड़क किनारे महाराज जी की एक झलक पाने के लिए बेताब रहते हैं. सुबह जब प्रेमानंद महाराज पदयात्रा पर निकलते थे, तब भक्त उनके दर्शन करते थे. हालांकि अब भक्त दर्शन नहीं कर पाएंगे.
इस बीमारी से जूझ रहे हैं प्रेमानंद महाराज
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रेमानंद महाराज ऑटोसोमल डोमिनेंट पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज से जूझ रहे हैं. यह बीमारी माता-पिता से बच्चों में आती है और इस डिजीज में किडनी का साइज नॉर्मल से बड़ा हो जाता है. इसकी वजह से किडनी में पानी जमा होने लगता है और वक्त के साथ किडनी काम करना बंद कर देती हैं.
प्रेमानंद महाराज की दोनों किडनी करीब 19 साल से खराब हैं, लेकिन वे भक्तों को हमेशा खुश दिखाई देते हैं. किडनी खराब होने के बावजूद प्रेमानंद महाराज को देखकर लोगों को यकीन नहीं होता है कि वे किसी बीमारी से जूझ रहे हैं. इसे लोग राधा रानी का चमत्कार मानते हैं.